छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों और मीडिया पेशे से जुड़े कार्यकर्ताओं के कल्याण तथा आर्थिक सुरक्षा के लिए कुछ खास योजनाएँ लागू करती है। इन योजनाओं का उद्देश्य पत्रकारों को वित्तीय सहायता, सम्मान व सामाजिक सुरक्षा देना है।
1. पत्रकार कल्याण कोष (Journalist Welfare Fund)
छत्तीसगढ़ सरकार पत्रकारों के लिए एक कल्याण कोष संचालित करती है। इसके तहत कामकाजी पत्रकारों को गंभीर बीमारी, उपचार खर्च और उनकी आश्रित परिवार को सहायता प्रदान की जाती है। इस सहायता राशि को पहले ₹2 लाख तक रखा गया था जिसे अब ₹5 लाख तक बढ़ा दिया गया है ताकि पत्रकार गंभीर स्वास्थ्य खर्च में सहायता प्राप्त कर सकें। एक समिति की निगरानी में इस कोष का वितरण सुनिश्चित होता है।
2. वरिष्ठ पत्रकार सम्मान निधि (Senior Media Personnel Samman Nidhi Scheme)
छत्तीसगढ़ की यह योजना उन वरिष्ठ पत्रकारों को आर्थिक सम्मान देती है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु के हैं और 20 वर्ष से पत्रकारिता में कार्य कर चुके हैं। पात्र पत्रकारों को ₹10,000 प्रति माह सम्मान निधि के रूप में प्रदान की जाती है। यह योजना पत्रकारों के सेवानिवृत्ति बाद जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए है।
3. पत्रकारों को मान्यता तथा पंचायती स्तर पर प्रमाणीकरण (Journalist Accreditation)
राज्य सरकार पत्रकारों को आधिकारिक मान्यता (Accreditation) प्रदान करती है जिससे उन्हें सरकारी कार्यक्रमों, प्रेस ब्रिफ़िंग और सरकारी जानकारियाँ प्राप्त करने में सुविधा होती है। इसके लिए राज्य स्तर तथा जिला/ब्लॉक स्तर की समितियाँ गठित की गई हैं ताकि पत्रकारों को वैध प्रमाणीकरण जल्दी मिले।
4. श्री ललित सुर्जन संचार प्रतिनिधि आवास ऋण ब्याज अनुदान योजना
यह योजना पत्रकारों के लिए हाउसिंग लोन पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है। छत्तीसगढ़ निवासी पत्रकार ₹30 लाख तक के गृह ऋण पर प्रति माह 5% ब्याज सब्सिडी प्राप्त कर सकते हैं, बशर्ते घर राज्य में ही बनाया गया हो। इससे पत्रकारों को स्थिर घर खरीदने में मदद मिलती है।
छत्तीसगढ़ सरकार इन योजनाओं के माध्यम से पत्रकारों की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करती है, जिससे मीडिया पेशे को समर्थन मिलता है और पत्रकार अपने काम पर केंद्रित रह सकते हैं।